- : छत्तीसगढ़ में मनेगा सेवा का महापर्व: 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शंखनाद, बस्तर के नक्सल-मुक्त इलाकों समेत पूरे राज्य में जलेंगे 36 लाख आशीर्वाद के दीये
- : “हर भारतवासी प्रधानसेवक का परिवार, सेवा ही हमारा संस्कार”— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान; 17 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ में चलेगा जनकल्याण का ऐतिहासिक महाअभियान

रायपुर, 11 सितंबर।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के ऐतिहासिक अवसर को छत्तीसगढ़ सरकार और सत्ता-संगठन मिलकर एक अभूतपूर्व लोक-कल्याण पर्व के रूप में मनाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने घोषणा की है कि आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। इस महाअभियान के तहत राज्य के प्रत्येक नागरिक को सरकार की योजनाओं से सीधे जोड़कर स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण और विकास की नई इबारत लिखी जाएगी।
“140 करोड़ भारतीय पीएम मोदी का परिवार”
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभियान की आत्मा को रेखांकित करते हुए अत्यंत भावुक और दमदार संदेश दिया। उन्होंने कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानते हैं। वे जन-जन के सुख और दुख की चिंता चौबीसों घंटे करते हैं। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र के लिए आहुति है। इसी सेवा-भाव को आत्मसात कर हमारी सुशासन सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक उनका आशीर्वाद और विकास पहुंचाने के लिए एक महीने का सेवा संकल्प महाअभियान शुरू कर रही है।”
मुख्यमंत्री साय ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी कमिश्नरों, आईजी, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर साफ कर दिया है कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी नोडल विभागों को आपसी समन्वय के साथ इसे ‘जनकल्याण और जनभागीदारी’ का सबसे बड़ा मंच बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
अभियान के 5 सबसे दमदार और बड़े आकर्षण:
- 36 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ से रोशन होगा छत्तीसगढ़:
प्रधानमंत्री के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए प्रदेश के हर गांव, हर बूथ और हर घर में 36 लाख दीये प्रज्वलित किए जाएंगे। - बस्तर के नक्सल-मुक्त क्षेत्र होंगे जगमगाते:
इस अभियान की सबसे शानदार और भावुक करने वाली कड़ी यह है कि माओवाद के अंधकार से मुक्त हुए बस्तर के सुदूर अंदरूनी गांवों को इस बार विशेष रूप से दीयों और रोशनी से सराबोर किया जाएगा। - संवैधानिक नेतृत्व के 25 वर्ष का ऐतिहासिक उत्सव:
7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री) के रूप में संवैधानिक पद पर सेवा के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस दिन छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों के प्रमुख चौराहों पर विशेष मशालें स्थापित की जाएंगी और बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम लाइव संबोधन प्रसारित होगा। - ‘विकसित भारत 2047’ का महा-संकल्प:
अभियान के दौरान हर बूथ पर छत्तीसगढ़ का प्रत्येक परिवार ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को पूरा करने की शपथ लेगा। युवाओं और छात्रों को शासन की नीतियों पर विचार साझा करने के लिए विशेष मंच दिए जाएंगे। - ‘जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा’:
पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में विशेष यात्राएं निकाली जाएंगी, जिसमें 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों और स्वच्छता के चिन्हित बिंदुओं पर जमीनी स्तर पर काम होगा।
जमीन पर उतरेंगी ये बड़ी जनहितैषी गतिविधियां :
- रक्तदान और महा-स्वास्थ्य शिविर: सुदूर वनांचलों से लेकर शहरों तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात कर निशुल्क इलाज और दवाइयां बांटी जाएंगी।
- 2 अक्टूबर को महा-स्वच्छता: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
- कर्मयोगियों का सम्मान: 25 सितंबर से ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत प्रदेश की आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का जिला स्तर पर बड़ा सम्मान होगा।
- 25 मिनट का श्रमदान: युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के लिए ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि सेवा ही हमारी संस्कृति और सुशासन का मुख्य आधार है। इस महाअभियान को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक मानवीय उत्सव बनाएं, ताकि छत्तीसगढ़ का कोई भी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से पीछे न छूटे।
“सेवा संकल्प अभियान: सेवा से विश्वास, विश्वास से आशीर्वाद”
- लक्ष्य: राज्य के हर परिवार और समाज के प्रत्येक वर्ग तक सुशासन का सीधा लाभ पहुंचाना।
- मुख्य आकर्षण: बस्तर के नक्सल मुक्त क्षेत्रों का दीपोत्सव, 36 लाख दीये, जिला केंद्रों पर ऐतिहासिक मशालें और सामूहिक शपथ।
- समय: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर।
- नेतृत्व: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय (निगरानी- सीधे सीएमओ और जिला कलेक्टर)।
