वंदेमातरम का अपमान यानी भारत माता का अपमान, कांग्रेस उड़ा रही संविधान की धज्जियां: शिवराज सिंह चौहान

विशेष संवाददाता
रायपुर 11 सितम्बर :
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वंदे मातरम (राष्ट्रगीत) के गायन को लेकर उपजे राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस में नेताओं की एक ऐसी जमात खड़ी हो गई है, जो लगातार देश की प्रतिष्ठा पर उंगली उठा रही है और वैश्विक मंचों पर भारत को अपमानित करने का काम कर रही है। उन्होंने साफ किया कि वंदेमातरम का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह सीधे तौर पर भारत माता का अपमान है।
क्रांतिकारियों के बलिदान का उपहास उड़ा रही कांग्रेस
एक तीखे बयान में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “वंदेमातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है। यह वही पावन राष्ट्रगीत है जिसे गाते हुए हंसते-हंसते हजारों क्रांतिकारी फांसी के फंदों पर चढ़ गए थे।” उन्होंने आरोप लगाया कि आज कांग्रेस राजनीतिक तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के चक्कर में उसी राष्ट्रगीत का अपमान कर रही है, जो देश के वीर शहीदों के प्रति घोर अनादर है।
‘संसद और संविधान से ऊपर नहीं हो सकती कांग्रेस’
श्री चौहान ने कांग्रेस की कार्यशैली और संवैधानिक मर्यादाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश की संसद ने बाकायदा विधेयक पारित कर कानून बनाया है, तो कांग्रेस खुद को संविधान और संसद से ऊपर कैसे समझ सकती है? उन्होंने कहा कि कानून सम्मत नियमों की अनदेखी कर कांग्रेस सरेआम संविधान की धज्जियां उड़ा रही है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद हाल ही में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे छह अंतरों (Stanzas) को गाने के सरकारी प्रोटोकॉल और नियमों को लेकर शुरू हुआ है। जहां केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रगीत को उसके पूर्ण स्वरूप में गाने पर बल दे रही है, वहीं कांग्रेस इसके केवल शुरुआती दो अंतरों को ही गाने की वकालत कर रही है। इसी रुख को लेकर भाजपा ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है।
देश नहीं करेगा माफ: चौहान
केंद्रीय मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश की जनता कांग्रेस के इस कृत्य को देख रही है। राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता और राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ खिलवाड़ करने वाले नेताओं को देश कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से अपनी इस ‘देशविरोधी मानसिकता’ को त्यागने और राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास का सम्मान करने की मांग की है।
