- जल संसाधन विभाग की बड़ी पहल: नहरों का कायाकल्प और जीर्णोद्धार होने से सुधरेगा जल प्रबंधन
- 449 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को मिलेगा भरपूर पानी, बढ़ेगा फसलों का उत्पादन

विशेष संवाददाता, 11 सितम्बर रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और खेतों तक पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य शासन के जल संसाधन विभाग ने रायपुर और गरियाबंद जिले की चार प्रमुख सिंचाई योजनाओं के आधुनिकरण और मरम्मत कार्य के लिए 16 करोड़ 03 लाख 38 हजार रुपये की भारी-भरकम प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है।
यह महत्वपूर्ण मंजूरी जल संसाधन विभाग मंत्रालय (महानदी भवन) द्वारा मुख्य अभियंता, महानदी गोदावरी कछार, रायपुर को प्रदान कर दी गई है। इस राशि से क्षेत्र की पुरानी और जर्जर हो चुकी नहरों की लाइनिंग, मरम्मत और जीर्णोद्धार (कायाकल्प) के कार्य युद्ध स्तर पर कराए जाएंगे, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी और टेल-एंड (अंतिम छोर) के किसानों तक आसानी से पानी पहुँच सकेगा।
📌 चुस्त-दुरुस्त होगी नहरें, बढ़ेगा कृषि उत्पादन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस राशि के स्वीकृत होने से न सिर्फ जल प्रबंधन में क्रांतिकारी सुधार होगा, बल्कि किसानों की फसलों की उत्पादकता में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। नहरों के सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग होने से पानी का रिसाव (Seepage) बंद होगा, जिससे कम पानी में अधिक रकबे की सिंचाई संभव हो सकेगी।
📊 योजनावार बजट और मिलने वाला लाभ: एक नजर में
| योजना का नाम (जिला) | स्वीकृत राशि | होने वाले मुख्य कार्य | कुल लाभांवित क्षेत्र (हेक्टेयर) |
|---|---|---|---|
| गुजरा व्यपवर्तन योजना (रायपुर) | ₹4 करोड़ 99 लाख 15 हजार | नहर लाइनिंग एवं संपूर्ण जीर्णोद्धार कार्य | 141 हेक्टेयर |
| गनियारी जलाशय योजना (गरियाबंद) | ₹4 करोड़ 66 लाख | जीर्णोद्धार, वेस्ट वियर की मरम्मत, मुख्य नहर की रिमॉडलिंग व सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग | 144 हेक्टेयर |
| ठाकुरदेव जलाशय योजना (गरियाबंद) | ₹4 करोड़ 35 लाख 73 हजार | शीर्ष, मुख्य नहर एवं शाखा नहरों का जीर्णोद्धार, मरम्मत तथा लाइनिंग | 80 हेक्टेयर |
| पतोरा व्यपवर्तन योजना (गरियाबंद) | ₹2 करोड़ 02 लाख 50 हजार | शीर्ष जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य | 84.27 हेक्टेयर |
🌾 किसानों में खुशी की लहर
जल संसाधन विभाग की इस वित्तीय मंजूरी के बाद रायपुर और विशेषकर गरियाबंद के आदिवासी बहुल और दूरदराज के कृषि क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। सालों से जर्जर नहरों और वेस्ट वियर की मरम्मत न होने के कारण सिंचाई संकट से जूझ रहे किसानों को अब खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए भरपूर पानी मिलने की उम्मीद जगी है। सरकार का लक्ष्य इन स्वीकृत कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा कराकर किसानों को जल्द से जल्द इसका लाभ दिलाना है।
