रायपुर, 12 सितंबर 2026 — छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में ग्रामीण विकास और आवासहीन जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल 2026 से लेकर अब तक पूर्ण हुए कुल 6,968 नवनिर्मित आवासों का भव्य एवं सामूहिक गृह प्रवेश कार्यक्रम 11 सितंबर 2026 को पूरे जिले में अभूतपूर्व उत्साह और उत्सव के माहौल के साथ संपन्न हुआ।

आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित ‘सेवा संकल्प अभियान’ से ठीक पहले हजारों परिवारों का अपने पक्के घर में प्रवेश करना जिले के विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है।
परंपरागत रीति-रिवाज और लोकगीतों के बीच सौंपी गई पक्के आशियाने की चाबियां
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सभी छह विकासखंडों में पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय जनप्रतिનિधियों और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रीति-रिवाजों, मंगल गीतों और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हितग्राहियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपी गईं।
वर्षों और पीढ़ियों से जर्जर कच्चे मकानों, लीकती छप्परों और झोपड़ियों में जीवन बसर करने वाले इन परिवारों के लिए यह पल बेहद भावुक, अकल्पनीय और आत्मसम्मान से परिपूर्ण था। नए घरों की चौखट पर दीप जलाकर जब गृह प्रवेश किया गया, तो हितग्राहियों के चेहरों पर झलकता संतोष और आंखों में खुशी के आंसू इस योजना की सार्थकता की सबसे बड़ी गवाही दे रहे थे।
विकासखंडवार पूर्ण हुए आवासों की विस्तृत स्थिति
प्रशासनिक पारदर्शिता और मैदानी अमले की सक्रिय निगरानी के चलते जिले के दूरदराज इलाकों में भी निर्माण कार्य रिकॉर्ड समय में पूरे हुए हैं। विकासखंडवार पूर्ण हुए आवासों का आधिकारिक आंकड़ा इस प्रकार है:
- विकासखंड रामचन्द्रपुर: 2,276 आवास
- विकासखंड वाड्रफनगर: 1,772 आवास
- विकासखंड कुसमी: 1,215 आवास
- विकासखंड बलरामपुर: 1,142 आवास
- विकासखंड राजपुर: 353 आवास
- विकासखंड शंकरगढ़: 210 आवास
- कुल योग: 6,968 पक्के आवास
पक्का आवास सुरक्षा, गरिमा और उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार: कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी
गृह प्रवेश करने वाले सभी लाभान्वित हितग्राही परिवारों को हार्दिक बधाई और आत्मीय शुभकामनाएं देते हुए जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि,
“पक्का आवास केवल ईंट, सीमेंट और गारे का ढांचा भर नहीं है, बल्कि यह किसी भी परिवार की सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और उसके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सबसे मजबूत आधार है।”
कलेक्टर ने आगे कहा कि जिला प्रशासन का यह निरंतर और दृढ़ प्रयास है कि जिले के हर एक पात्र और जरूरतमंद परिवार को तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्तापूर्ण आवास मिले, ताकि शासकीय योजनाओं का सीधा और प्रभावी लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।
उन्होंने सभी हितग्राहियों को आवास के साथ-साथ अन्य जनकल्याणकारी और स्वरोजगारपरक योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि शेष स्वीकृत आवासों को सर्वोच्च प्राथमिकता से जल्द पूरा किया जाए और आगामी ‘सेवा संकल्प अभियान’ की सभी तैयारियां समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित की जाएं।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया कृतज्ञता व्यक्त
सेवा संकल्प के इस पावन अवसर पर लाभान्वित ग्रामीण परिवारों ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी संकल्प और आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए उठाए जा रहे ऐतिहासिक कदमों के कारण ही आज उनका अपनी पक्की छत का सपना धरातल पर उतर सका है।
ग्रामीणों ने यह भी संकल्प लिया कि वे आगामी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर सक्रिय भागीदारी निभाएंगे और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय सपने को साकार करने में अपनी पूरी सहिता देंगे।
प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन और मैदानी अमले की सतत निगरानी के फलस्वरूप सभी आवासों का निर्माण मानक गुणवत्ता के साथ तय समय-सीमा में संपन्न हुआ है। अपने सिर पर पक्की छत पाकर गदगद और भावविभोर परिवारों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। जिला प्रशासन ने भी आश्वस्त किया है कि जो आवास निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पूर्ण कराकर संबंधित परिवारों को गृह प्रवेश कराया जाएगा।
