🌟 छत्तीसगढ़ सरकार का ऐतिहासिक और जनहितैषी कदम: पीएम आवास योजना (शहरी) की कट-ऑफ डेट 2015 से बढ़ाकर हुई 2024

रायपुर 12 सितम्बर । छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के शहरी गरीबों और जरूरतमंदों के आशियाने के सपने को पंख देने वाला एक बेहद संवेदनशील और क्रांतिकारी निर्णय लिया है। राज्य शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत निवास की वैधता की कट-ऑफ तिथि को 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर सीधे 31 अगस्त 2024 कर दिया है। सरकार के इस दूरदर्शी और माटी-जुड़े फैसले से पिछले नौ वर्षों से शहरों में किराए के मकानों, अस्थायी बस्तियों या संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हजारों परिवारों के लिए पक्के घर का रास्ता साफ हो गया है।
“आवास से सम्मान, सम्मान से सशक्तीकरण” के संकल्प को चरितार्थ करते हुए यह निर्णय शहरी क्षेत्रों की बदलती आवश्यकताओं, तेजी से बढ़ती आबादी और गरीब एवं निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों की वास्तविक आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
🚀 सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक के मुख्य बिंदु और दूरगामी लाभ
- 9 साल का लंबा दायरा बढ़ा: कट-ऑफ तिथि बढ़ने से अब उन हजारों परिवारों को भी योजना का सीधा लाभ मिलेगा जो विगत 9 वर्षों से लगातार शहरी क्षेत्रों में निवासरत हैं।
- युद्धस्तर पर अमल के निर्देश: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी स्थानीय निकायों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए हैं कि वे नई कट-ऑफ तिथि के आधार पर महज 15 दिनों के भीतर पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन और दस्तावेज सत्यापन कर आवासों का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
- सूडा (SUDA) की सख्त मॉनिटरिंग: प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बनाए रखने के लिए राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जा सके।
- लोन मेलों का आयोजन: हितग्राहियों को उनका अंशदान जमा करने में किसी प्रकार की आर्थिक कठिनाई न हो, इसके लिए नगरीय निकायों के माध्यम से लगातार ‘लोन मेलों’ का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आसान किश्तों की राह आसान हो सके।
📊 छत्तीसगढ़ में एएचपी (AHP) परियोजनाओं की शानदार प्रगति
प्रदेश में ‘अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप’ (AHP) घटक के तहत आवास निर्माण और आबंटन के क्षेत्र में बेहतरीन आंकड़े दर्ज किए गए हैं, जो सरकार की समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यशैली को दर्शाते हैं:
| विकास सूचक | आंकड़े एवं स्थिति |
|---|---|
| कुल स्वीकृत आवास | 36,969 आवास |
| पूर्ण हो चुके आवास | 29,267 आवास (लगभग 79 प्रतिशत कार्य पूर्ण) |
| आबंटित कुल आवास | 30,438 से अधिक परिवारों को आबंटन |
| गृह प्रवेश कर चुके परिवार | 21,923 परिवार अपने पक्के घरों में शुरू कर चुके हैं निवास |
💰 आर्थिक सहायता और अनुदान का मजबूत ढांचा
केंद्र और राज्य सरकार की साझा पहलों के माध्यम से गरीबों को न्यूनतम आर्थिक भार पर मजबूत और सुरक्षित छत मुहैया कराई जा रही है:
- स्लम क्षेत्रों के गरीबों के लिए: स्लम में रहने वाले आवासहीनों के व्यवस्थापन हेतु केंद्र सरकार द्वारा 1.50 लाख रुपए और राज्य शासन द्वारा 2.50 लाख रुपए का भारी अनुदान दिया जाता है। इसमें हितग्राहियों को अपना अंशदान मात्र 75,000 रुपए आसान किश्तों में देना होता है।
- किराए पर रहने वाले कमजोर वर्गों के लिए: शहरी क्षेत्रों में किराए के मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्का मकान देने के लिए केंद्र सरकार 1.50 लाख रुपए अनुदान देती है और राज्य शासन द्वारा निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाती है। इसमें हितग्राही को 3.25 लाख रुपए का अंशदान आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा मिलती है।
🏛️ शासन के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिबद्धता
“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के दृष्टिकोण को धरातल पर उतारते हुए हमारी सरकार हर गरीब परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आवास देने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। कट-ऑफ डेट बढ़ने से अब कोई भी पात्र परिवार इस अधिकार से वंचित नहीं रहेगा।” — श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
“यह फैसला शहरी गरीबों की जमीनी हकीकत और जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। इससे एएचपी परियोजनाओं की बसाहट को तीव्र गति मिलेगी और हर जरूरतमंद के जीवन में स्थायित्व व सम्मान आएगा।” — श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री
जनता के लिए विशेष अपील: यदि आप या आपके आस-पास का कोई भी जरूरतमंद परिवार शहरी क्षेत्र में निवासरत है और अब तक पक्के आवास के लाभ से वंचित है, तो बिना किसी विलंब के अपने नजदीकी नगरीय निकाय (नगर निगम, पालिका या पंचायत) कार्यालय में संपर्क करें। आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर इस ऐतिहासिक जनहितैषी योजना का लाभ उठाएँ और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करें!
