सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन पर आधारित एक महीने का ऐतिहासिक राष्ट्रव्यापी उत्सव
लेखक: धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक (जनसंपर्क), रायपुर
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के गौरवशाली 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। यह महाअभियान मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत दस्तावेज है। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक स्तर पर रूपरेखा तैयार कर ली गई है, जो समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी।

📅 अभियान की मुख्य समय-सारणी और प्रमुख तिथियां
- अवधि: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक।
- विशेष महत्व: 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है, और 7 अक्टूबर को उनके सार्वजनिक पद पर सेवा के 25 वर्ष पूरे होंगे।
- भव्य समापन: 17 अक्टूबर 2026 को एक विशाल ‘जनसेवक महाकुंभ’ के साथ अभियान का समापन होगा।
🎯 अभियान के मुख्य उद्देश्य और संकल्प
- कृतज्ञता और आभार: प्रधानमंत्री के ढाई दशकों के निरंतर सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यकाल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना।
- विकसित भारत 2047: देश को विकसित राष्ट्र बनाने के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना।
- योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन: केंद्र और राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना।
- व्यापक जनभागीदारी: प्रत्येक परिवार की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा को जन-आंदोलन का रूप देना।
🌟 25 सेवा गतिविधियां और ’25 मिनट श्रमदान’
नागरिकों को सेवा कार्यों से जोड़ने के लिए 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इनमें प्रमुख हैं:
- रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
- वृहद वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान
- जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम
विशेष अपील: नागरिकों से अपनी व्यस्त दिनचर्या से कम से कम 25 मिनट का श्रमदान करने का आह्वान किया गया है। इस श्रमदान की फोटो या वीडियो ‘माई भारत पोर्टल’ पर अपलोड करने पर नागरिकों को विशिष्ट डिजिटल प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
🏛️ सांस्कृतिक एवं अभिनव कार्यक्रम
- आशीर्वाद का दीया और नमो सेवा गाथा (17 सितंबर 2026): संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के समन्वय से रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर (सरगुजा) और जगदलपुर (बस्तर) के संभाग मुख्यालयों स्थित ऑडिटोरियम में भव्य आयोजन होंगे। स्थानीय कलाकारों के माध्यम से नुक्कड़ नाटक और नृत्य-नाटिकाओं की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
- सेवा सेतु अभियान: विकासखंड स्तर पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित होंगे, जहां नागरिकों को एक ही छत के नीचे विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ और मार्गदर्शन मिलेगा।
- सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज: युवाओं और नवोन्मेषकों (Innovators) के लिए विशेष सहभागितापूर्ण गतिविधियां।
🏫 युवा, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
- स्कूली व महाविद्यालयीन प्रतियोगिताएं: 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों में ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। युवाओं को पीएम मोदी के सेवा कार्यों और देश के बदलाव से अवगत कराया जाएगा।
- ‘आंगन का उत्सव’ (25 सितंबर से 7 अक्टूबर): आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण और महिला-बाल कल्याण योजनाओं पर विशेष कार्यक्रम होंगे। इस दौरान समाज निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का विशेष सम्मान किया जाएगा।
- ‘कहानी बदलाव की’: शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की सफलता की वास्तविक कहानियों का संकलन किया जाएगा, जो अन्य नागरिकों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेंगी।
- ‘नमो सेवा’ नाट्य प्रस्तुतियां: पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों और ऐतिहासिक बदलावों की गाथा को सरल और संगीतपूर्ण नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
🚀 50 बदलाव वाले स्थानों का दौरा और 17 अक्टूबर का महा-समापन
- बदलाव की बयार: ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत देश के 50 ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों (जैसे गुजरात की GIFT City और बस्तर क्षेत्र) का चयन किया गया है, जो मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए क्रांतिकारी विकास के प्रतीक हैं। सोशल मीडिया क्रिएटर्स को इन स्थानों का दौरा कराकर विकास की वास्तविकता से रूबरू कराया जाएगा।
- ऐतिहासिक समापन (17 अक्टूबर): अभियान के अंतिम दिन आयोजित ‘जनसेवक महाकुंभ’ में पंचायत से लेकर संसद तक के लगभग 1.25 लाख जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। इस महाकुंभ का मुख्य आकर्षण सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ की सभी छह कड़ियों का गान होगा, जो छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में देशभक्ति और सेवा का एक नया अध्याय लिखेगा।
