खेल जगत में स्वर्णिम इतिहास रच रहा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर बना ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का गवाह

रायपुर, 15 सितंबर 2026 छत्तीसगढ़ अब महज धान के कटोरे या खनिज संसाधनों की भूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के सबसे तेजी से उभरते हुए और प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स हब के रूप में अपनी अमिट राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान गढ़ रहा है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, खेल अधोसंरचनाओं के अभूतपूर्व विस्तार, प्रतिभाओं को मिल रहे विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी ने छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को एक अभूतपूर्व गति दी है। इसी क्रम में, नवा रायपुर के अत्याधुनिक फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) के तत्वावधान में आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का भव्य और ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ है।

इस बहुप्रतीक्षित और गरिमामयी आयोजन की शुरुआत करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण किया। इस अवसर पर 1983 के ऐतिहासिक क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के लीजेंड कप्तान एवं पीजीटीआई के अध्यक्ष श्री कपिल देव की विशेष उपस्थिति ने इस आयोजन के कद, गरिमा और उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय: “नवा रायपुर ओपन बनेगी छत्तीसगढ़ की नई वैश्विक पहचान”
समारोह को पूरी ऊर्जा और आत्मीयता के साथ संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गर्व से लबरेज होकर कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम मील का पत्थर है। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की एक नई वैश्विक पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संस्मरण साझा करते हुए याद किया कि एक समय था जब गोल्फ जैसे खेल के बारे में केवल सुना जाता था या लोग फिल्मों में ही इसे खेलते हुए देखते थे। परंतु आज बदलते और आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ में हम स्वयं इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के प्रोफेशनल गोल्फ टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं। कभी इसे उद्योगपतियों या संभ्रांत वर्ग तक सीमित खेल माना जाता था, लेकिन वक्त के साथ इसका दायरा व्यापक हुआ है और आज छत्तीसगढ़ में भी गोल्फ के प्रति युवाओं की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार गोल्फ और अन्य सभी खेलों को प्रोत्साहित करने, इसके लिए आवश्यक अत्याधुनिक सुविधाओं के विस्तार तथा प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के आयोजन में हरसंभव और पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
132 दिग्गज गोल्फर्स का महाकुंभ: 18 विदेशी खिलाड़ी भी दिखाएंगे अपने खेल का कमाल
इस प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता का पैमाना और भव्यता इस बात से आंकी जा सकती है कि इसमें देश-विदेश के कुल 132 शीर्ष प्रोफेशनल गोल्फर पूरी शिद्दत के साथ हिस्सा ले रहे हैं। इस महाकुंभ में 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो नवा रायपुर की इस हरी-भरी और चुनौतीपूर्ण गोल्फ कोर्स पर अपने खेल का उत्कृष्ट कौशल और दांवपेंच प्रदर्शित कर रहे हैं।
स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गोल्फ कोर्स पर कदम रखा और हाथ आजमाते हुए एक शानदार शॉट लगाया, जिसे देखकर मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और विशिष्ट अतिथियों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न कोनों और विदेशों से पधारे सभी खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की पावन और आतिथ्य सत्कार से भरी धरा पर दिल से स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर वैश्विक खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आना यह साबित करता है कि प्रदेश में खेलों के लिए एक बेहद अनुकूल, सुरक्षित और प्रगतिशील वातावरण तैयार हो चुका है। ऐसे आयोजनों से न केवल छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय छवि मजबूत होती है, बल्कि खेल पर्यटन को भारी प्रोत्साहन मिलता है और हमारे स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने, सीखने और उनसे प्रेरणा लेने का अनमोल अवसर मिलता है।
लीजेंड कपिल देव का बड़ा बयान: “दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तर्ज पर उभरेगा छत्तीसगढ़”
कार्यक्रम में उपस्थित 1983 के विश्वकप विजेता कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) के अध्यक्ष श्री कपिल देव ने छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की खेल-प्रेमी सोच तथा दूरदर्शिता की खुलकर सराहना की।
- प्रत्येक वर्ष हो आयोजन: श्री कपिल देव ने खुले दिल से कहा कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा, यहाँ का शांत वातावरण और यहाँ के लोगों का आत्मीय आतिथ्य गोल्फ के खेल के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए सुझाव दिया कि इस प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से होना चाहिए और इसकी तारीखें अग्रिम रूप से तय की जानी चाहिए, ताकि देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुसार छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकें।
- प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में उदय: कपिल देव ने पूर्ण विश्वास जताया कि जिस प्रकार आज देश में दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता को गोल्फ के प्रमुख और बड़े केंद्रों के रूप में जाना जाता है, ठीक उसी प्रकार आने वाले निकट भविष्य में छत्तीसगढ़ भी देश के मानचित्र पर एक प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में अपनी मजबूत और अमिट पहचान बनाएगा।
इस दौरान पीजीटीआई के सीईओ श्री अमनदीप चहल ने भी छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक प्रबंधों, शानदार गोल्फ कोर्स और यहाँ के भव्य स्वागत की भूरी-भरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ आने वाला हर खिलाड़ी यहाँ की व्यवस्थाओं से मंत्रमुग्ध होकर बार-बार आने की इच्छा जताता है।
‘खेलो इंडिया’ और ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ से बदल रही छत्तीसगढ़ की खेल तकदीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में विस्तार से बताया कि राज्य सरकार खेलों को केवल मनोरंजन या प्रतिस्पर्धा नहीं मानती, बल्कि इसे युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रदेश की प्रतिष्ठा से जोड़कर आगे बढ़ा रही है।
- मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन: प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को तराशने, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, उच्चस्तरीय संसाधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुँचने के रास्ते सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार ने बजट में ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ को विशेष रूप से शामिल किया है। सरकार का यह स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी प्रतिभावान खिलाड़ी के सपनों के मार्ग में संसाधनों की कमी कभी बाधा नहीं बनने दी जाएगी।
- भव्य खेल अधोसंरचना: छत्तीसगढ़ में आज देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में शुमार भव्य स्टेडियम मौजूद हैं और विभिन्न खेल विधाओं के राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले लगातार आयोजित हो रहे हैं।
- बस्तर और सरगुजा ओलंपिक का जादू: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खेल उत्सवों का माहौल है। प्रदेश में आयोजित नेशनल ट्राइबल गेम्स में देश भर से आए लगभग 2500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही, बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे अनूठे और अभिनव आयोजनों ने दूरस्थ अंचलों और गाँवों के हज़ारों बच्चों व युवाओं को अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा दुनिया के सामने रखने का एक विशाल और सशक्त मंच प्रदान किया है।
शांति और विकास की नई सुबह: बस्तर ओलंपिक से बदल रही युवाओं की तकदीर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एक बहुत ही प्रेरणादायक और भावनात्मक बिंदु रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे वीर सुरक्षा बलों के अदम्य साहस व बलिदान के परिणामस्वरूप आज बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता हासिल हुई है।
आज का बस्तर हिंसा और भय के साए से पूरी तरह बाहर निकलकर शांति, आपसी विश्वास, विकास और अनंत संभावनाओं की नई सुबह की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है। बस्तर ओलंपिक में युवाओं और विशेषकर ग्रामीण बेटियों-बेटों की भारी तादाद में भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव की सबसे सशक्त और जीवंत तस्वीर है। जिन इलाकों को कभी हथियारों और हिंसा की गूँज के लिए जाना जाता था, आज उन पावन माटी के खेल मैदानों में हमारे युवा अपनी ऊर्जा, सपनों और खेल कौशल के साथ आसमान छू रहे हैं। यह बदलते बस्तर और नए छत्तीसगढ़ की असली तस्वीर है। क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स के बाद अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े आयोजनों का यह सिलसिला प्रदेश की खेल यात्रा को एक नया और विराट आयाम दे रहा है।
“खिलाड़ियों से आग्रह: खेल के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक खूबसूरती का भी लें आनंद”
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देश-विदेश से पधारे सभी गोल्फर मेहमानों से बहुत ही आत्मीय आग्रह करते हुए कहा कि वे केवल गोल्फ के मैदान तक सीमित न रहें, बल्कि फुर्सत निकालकर छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों का दीदार जरूर करें।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात (जिसे भारत का नियाग्रा भी कहा जाता है) का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ के कलकल बहते झरने, घने रहस्यमयी वन और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को सम्मोहित कर लेते हैं। इसी प्रकार सरगुजा की खूबसूरत पहाड़ियाँ, हरियाली और विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत भी दर्शनीय है। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे जब छत्तीसगढ़ से वापस लौटें तो अपने साथ केवल टूर्नामेंट के स्कोर और पदक ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश व सीधे-साधे लोगों का आत्मीय प्यार और जीवन भर न भूलने वाली खूबसूरत स्मृतियां भी लेकर जाएं।
‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का यह भव्य आयोजन इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ अब देश के खेल मानचित्र पर केवल एक दर्शक नहीं, बल्कि एक मजबूत, सशक्त, ऑर्गेनाइज्ड और उभरती हुई स्पोर्ट्स सुपरपावर के रूप में अपनी नई और बुलंद लकीर खींच रहा है।
