छत्तीसगढ़ बना देश का पहला राज्य: SASCI 2026-27 के तहत सीबीजी इकोसिस्टम के विकास के लिए मिले 50 करोड़ रुपये

रायपुर, 7 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकोसिस्टम के विकास के लिए किए जा रहे प्रभावी नवाचारों की सराहना करते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 50 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है। इस योजना के तहत यह उपलब्धि हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई, कहा- हरित अर्थव्यवस्था को मिल रही नई दिशा
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस बड़ी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ऊर्जा विभाग और छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। जैव ईंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है।
“हमारी सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए हरित अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
नई सीबीजी नीति से कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण में होगा बड़ा बदलाव
राज्य सरकार ने कम्प्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति-2026 को गत 8 जून 2026 को अधिसूचित किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह नीति राज्य के कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्र में परिवर्तनकारी साबित होगी:
- कृषि अवशेषों का वैज्ञानिक उपयोग: धान के पुआल (पैड़ी स्ट्रॉ) और अन्य बायोमास का वैज्ञानिक रूपांतरण कर औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपयोग के लिए स्वच्छ गैसीय ईंधन का उत्पादन किया जाएगा।
- किसानों की अतिरिक्त आय: बायोमास की सुगम आपूर्ति से अन्नदाताओं को अतिरिक्त आय का नया और स्थायी जरिया मिलेगा।
- पर्यावरण संरक्षण: पराली और अन्य जैव अवशेषों के बेहतर प्रबंधन से प्रदूषण पर रोक लगेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
- जैविक खेती को प्रोत्साहन: सीबीजी संयंत्रों से निकलने वाली उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद से प्रदेश में जैविक खेती को नया बल मिलेगा।
उच्चस्तरीय बैठकों में हुआ त्वरित क्रियान्वयन का निर्णय
राज्य में सीबीजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए गत 3 अगस्त 2026 को मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रमुख सचिव (ऊर्जा विभाग) श्री सुबोध कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए:
- बायोमास संग्रहण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना।
- उद्योगों की स्थापना के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली का प्रभावी उपयोग।
- संयंत्रों से उत्पादित जैव उर्वरक के कृषि में व्यापक उपयोग को सुनिश्चित करना।
- विभिन्न विभागों के बीच बेहतर विभागीय समन्वय स्थापित करना।
इस दौरान छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित सरकार ने संयंत्रों की स्थापना और निवेश संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग, कृषि, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुधन विकास, परिवहन तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
