ऐतिहासिक मंत्रिपरिषद बैठक: पीएम मोदी के 25 वर्षों के सुशासन पर छत्तीसगढ़ में अभिनंदन प्रस्ताव पारित, अग्निवीरों के लिए आरक्षक भर्ती और विभाग के नाम बदलने का बड़ा निर्णय

रायपुर 11 अक्टूबर : शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य सरकार ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सरकार के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर एक गौरवशाली अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। यह अवसर केवल एक राजनीतिक उपलब्धि का नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम’, जनसेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और अंत्योदय के सिद्धांतों पर आधारित एक असाधारण कर्मयात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों का छत्तीसगढ़ के विकास पर गहरा प्रभाव
राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि किस प्रकार गुजरात से शुरू हुए सुशासन के प्रयोगों और देशव्यापी सुधारों ने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को गति दी है:
- सुशासन और प्रशासनिक सुधार: गुजरात मॉडल के ‘चिंतन शिविर’ और संवाद की परंपरा को अपनाते हुए छत्तीसगढ़ में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ लागू किया गया है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम और दो जनविश्वास अधिनियमों के माध्यम से 450 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए हैं, जिसके फलस्वरूप राज्य को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
- डिजिटल क्रांति और जैम ट्रिनिटी: जनधन-आधार-मोबाइल (JAM) और डीबीटी (DBT) के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। किसानों के लिए एग्रीस्टैक के तहत 42 लाख फार्मर आईडी और ड्रोन आधारित स्वामित्व योजना से 7.51 लाख ग्रामीणों को संपत्ति के अधिकार मिले हैं।
- गरीब कल्याण और आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले पौने तीन वर्षों में 11.78 लाख आवासों का निर्माण हुआ है और इस गति में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। उज्ज्वला योजना से 39.73 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत के तहत 2.49 करोड़ कार्ड बनाए गए हैं।
- अन्नदाता किसानों को संबल: पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और रिकॉर्ड धान उपार्जन (141 लाख मीट्रिक टन) के साथ किसानों को एमएसपी और बोनस के रूप में भारी वित्तीय संबल मिला है।
- माताओं-बहनों और युवाओं का सशक्तीकरण: महतारी वंदन योजना के जरिए 68 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। खेलो इंडिया और जनजातीय विकास योजनाओं से युवाओं और जनजातीय समाज का चहुंमुखी विकास हो रहा है।
- बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय: केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से 31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली है। ‘नियद नेल्ला नार योजना’ और विशेष सहायता से बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 35,766 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रेल नेटवर्क विस्तार और ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक निवेश से राज्य की तस्वीर बदल रही है।
मंत्रिपरिषद के दो महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय
कैबिनेट बैठक में राज्य के युवाओं और प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए दो बड़े निर्णय लिए गए:
- पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक भर्ती: पूर्व अग्निवीरों के अनुभव, अनुशासन और दक्षता का लाभ राज्य की प्रशासनिक व सुरक्षा सेवाओं में लेने के लिए गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक के कुल 36 पदों पर उपलब्ध रिक्तियों के विरुद्ध भर्ती की अनुमति प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है।
- आदिम जाति विकास विभाग का नाम परिवर्तन: छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ कर दिया गया है।
‘विकसित छत्तीसगढ़’ से ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प
बैठक के अंत में मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के महासंकल्प में अपनी पूर्ण भागीदारी निभाने का संकल्प दोहराया। राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ का रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत नक्सलमुक्त बस्तर, अपार खनिज संपदा, ऊर्जा और कुशल मानव संसाधन के बूते छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
