चक्रवात ‘अर्नब’ का संकट: संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ के साथ खड़ी है केंद्र सरकार, अमित शाह ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा; मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— “प्रदेशवासियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”

रायपुर 29 अक्टूबर । चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित खतरे और प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने भी राज्य को पूरी प्रतिबद्धता के साथ सहयोग देने का ऐलान किया है। देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सहित चक्रवात से प्रभावित होने वाले सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का दृढ़ भरोसा दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री से मिले इस बड़े संबल और आश्वासन के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनका सहृदय आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि इस संकट काल में राज्य के हर नागरिक की जान-माल की रक्षा करना उनकी सरकार का पहला और सबसे बड़ा कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार, कहा— “सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार के त्वरित और सहयोगात्मक रुख की सराहना करते हुए कहा, “चक्रवात ‘अर्नब’ के संकट में छत्तीसगढ़ सहित सभी प्रभावित राज्यों को हरसंभव सहायता का भरोसा देने के लिए माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी का हृदय से आभार।”
उन्होंने आगे प्रदेश की जनता को आश्वस्त करते हुए बेहद दमदार शब्दों में कहा, “प्रदेशवासियों की सुरक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से राहत एवं बचाव कार्यों और जरूरतमंदों तक आवश्यक सहायता पहुँचाने के लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।”
युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य, एजेंसियां मुस्तैद
चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से निपटने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य प्रशासनिक अमला और आपदा प्रबंधन की टीमें (SDRF और संबंधित एजेंसियां) चौबीसों घंटे निगरानी रख रही हैं। राज्य के संवेदनशील और संभावित प्रभावित इलाकों में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
- बेहतर तालमेल और समन्वय: आपदा से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन, मौसम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और राहत दलों के बीच बेहतरीन समन्वय (Coordination) स्थापित किया गया है।
- कंट्रोल रूम एक्टिव: सभी जिला मुख्यालयों में आपातकालीन कंट्रोल रूम को एक्टिव कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके।
- जरूरतमंदों तक सीधी मदद: प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में भोजन, दवाइयां, और सुरक्षित आश्रय स्थलों (Relief Camps) की एडवांस व्यवस्था की जा रही है ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
डबल इंजन सरकार की मुस्तैदी से जनता में बढ़ी राहत
केंद्र में गृह मंत्री अमित शाह की त्वरित प्रतिक्रिया और राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशीलता व प्रतिबद्धता ने यह साफ कर दिया है कि आपदा की इस चुनौती से निपटने के लिए शासन और प्रशासन का तंत्र पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री के इस भरोसेमंद और मजबूत संदेश से प्रदेशवासियों के बीच सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है। सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन का सहयोग करें।
