- प्रख्यात फिल्मकार डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी होंगे मुख्य वक्ता, विभाजन की त्रासदी और मानवीय संघर्ष पर होगा विशेष विमर्श
- संस्कृति विभाग की पहल: विस्थापन का दर्द और संघर्ष बयां करेगी विशेष प्रदर्शनी, सिंधी, पंजाबी और बंगाली समाज के प्रतिनिधि साझा करेंगे अनुभव

रायपुर, 14 अगस्त 2026
भारत विभाजन के समय असंख्य परिवारों द्वारा झेली गई अकल्पनीय पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष की स्मृतियों को जीवंत रखने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस संवेदनशील अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आज 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर राज्य स्तरीय गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
राजधानी रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित लोकभवन के पास, पुरातत्व परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर दोपहर 12:30 बजे से शुरू होने वाले इस समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे, जबकि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इतिहास के उस काले अध्याय और मानवीय जिजीविषा का होगा स्मरण
वर्ष 1947 के भारत विभाजन की त्रासदी में लाखों लोगों ने अपना घर-बार और सर्वस्व गंवाकर विस्थापन का दर्द झेला था। इस राज्य स्तरीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य इस त्रासदी को केवल एक ऐतिहासिक घटना के रूप में नहीं, बल्कि उन परिवारों के अदम्य साहस, संघर्ष और शून्य से उठकर नए सिरे से जीवन की शुरुआत करने की जिजीविषा के रूप में नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करना है।
समारोह के दौरान विभाजन की परिस्थितियों और उसके प्रभावों को दर्शाती एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर विभाजन से सीधे प्रभावित सिंधी, पंजाबी और बंगाली समाज के प्रतिनिधि वक्ता मंच से अपने पूर्वजों के संघर्ष और स्मृतियों को साझा करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों की उपस्थिति रहेगी, ताकि वे देश के विभाजन के इतिहास और मानवीय पीड़ा को गहराई से समझ सकें।
फिल्मकार डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी रखेंगे विचार
समारोह के मुख्य वक्ता, देश के प्रख्यात फिल्मकार एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी होंगे। भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को अपनी कला के माध्यम से जीवंत करने वाले डॉ. द्विवेदी ने लोकप्रिय धारावाहिक ‘चाणक्य’ से देश भर में विशिष्ट पहचान बनाई है। इसके अलावा, उन्होंने भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित अत्यंत चर्चित और प्रशंसित फिल्म ‘पिंजर’ का निर्देशन भी किया है। वे अपने संबोधन में विभाजन की ऐतिहासिक-सामाजिक पृष्ठभूमि और उससे जुड़े मानवीय पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डालेंगे।
कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति श्री सच्चिदानंद शुक्ल भी अपने विचार व्यक्त करेंगे।
संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति
इस राज्य स्तरीय आयोजन में कई प्रतिष्ठित हस्तियां और जनप्रतिनिधि अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। प्रमुख रूप से:
- पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ के पीठाधीश्वर: पूज्य डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज
- संसद सदस्य: रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा
- विधायकगण: श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री अनुज शर्मा
- स्थानीय प्रतिनिधि: रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल और छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री यशवंत जैन
इसके साथ ही संस्कृति परिषद के सदस्य, प्रदेशभर के प्रबुद्ध नागरिक, शिक्षाविद्, साहित्यकार, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और मीडिया जगत के लोग भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।
सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं का संदेश
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल विभाजन की विभीषिका में अपनों को खोने वाले और विस्थापन का संकट झेलने वाले लाखों नागरिकों की स्मृतियों को नमन करने का माध्यम है, बल्कि यह समाज में आपसी एकता, भाईचारे, सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं के मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
