विशेष संवाददाता |8 सितम्बर रायपुर
छत्तीसगढ़ की आबोहवा में अब एक नया आत्मविश्वास तैर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में महज घोषणाएं करने के बजाय ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का ऐसा मॉडल पेश किया है, जिसने राज्य को विकास की एक्सप्रेस-वे पर ला खड़ा किया है। गरीब, किसान, महिला, युवा और उद्योग जगत—हर मोर्चे पर नीतिगत फैसलों के दूरगामी और ऐतिहासिक परिणाम सामने आ रहे हैं। आइए जानते हैं कि इन बड़े बदलावों ने कैसे छत्तीसगढ़ की तकदीर और तस्वीर बदल दी है।

1. प्रधानमंत्री आवास: सपनों के आशियानों को मिली रफ्तार
सरकार गठन के साथ ही राज्य मंत्रिमंडल ने सबसे बड़ा और संवेदनशील निर्णय गरीबों के पक्के मकानों को लेकर लिया।
- रिकॉर्ड स्वीकृतियां: ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक कुल 24.40 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
- बेमिसाल गति: प्रदेश में औसतन 1,600 आवास प्रतिदिन पूरे करने का रिकॉर्ड बनाया गया है।
- बड़ी उपलब्धि: पिछले ढाई वर्षों में पुराने और नए स्वीकृत आवासों को मिलाकर 11 लाख से अधिक पक्के मकान लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवारों का जीवन सुरक्षित हुआ है।
2. अन्नदाताओं को संबल: धान खरीदी और समृद्धि की नई गाथा
छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों के लिए यह कार्यकाल स्वर्णिम दौर साबित हुआ है।
- रिकॉर्ड समर्थन मूल्य: किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान बेचने की अभूतपूर्व सुविधा दी गई।
- विशाल आंकड़े: खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की बम्पर खरीदी की गई।
- सीधे खातों में भुगतान: न्यूनतम समर्थन मूल्य और ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत किसानों के बैंक खातों में कुल 43,723 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि अंतरित की गई।
- पारदर्शिता: ऑनलाइन टोकन, बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी प्रणालियों ने पूरी खरीदी प्रक्रिया को बेहद सुगम और पारदर्शी बना दिया है।
3. महिला सशक्तिकरण: महतारी वंदन और आर्थिक आज़ादी की क्रांति
साय सरकार के राज में महिलाएं अब केवल परिवार का आधार नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक तरक्की की मुख्य धुरी बन चुकी हैं।
- महतारी वंदन योजना: इस योजना की अब तक 31 किस्तों के जरिए प्रदेश की लगभग 68 लाख पात्र महिलाओं के खातों में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।
- लखपति दीदियां: राज्य में अब तक 13.85 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
- स्व-सहायता समूहों का विस्तार: ‘बिहान मिशन’ के तहत 31 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आत्मकेंद्रित हो रही हैं।
- विशेष छूट: महिलाओं की संपत्ति पर मालिकाना हक मजबूत करने के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क में 50% और स्टांप शुल्क में 1% की ऐतिहासिक रियायत दी गई है।
4. बस्तर का कायाकल्प: गोलियों की गूंज से विकास की बयार तक
दशकों तक माओवादी आतंकवाद के साए में रहे बस्तर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से ऐतिहासिक परिवर्तन आया है।
- निर्णायक सुरक्षा बढ़त: सुरक्षा बलों के सटीक ऑपरेशनों के साथ-साथ विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति ने बस्तर के लोगों का सरकार पर अटूट विश्वास कायम किया है।
- जनकल्याणकारी योजनाएं: ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से दूरदराज के अंचलों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित की जा रही है।
- आजीविका उन्नयन: बस्तर क्षेत्र के लगभग 10 लाख परिवारों की आय में बड़ा उछाल लाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की भारी-भरकम ‘आजीविका उन्नयन योजना’ पर तेजी से काम चल रहा है।
- सुरक्षा कैंप बने विकास केंद्र: कभी संघर्ष के केंद्र रहे जंगलों के सुरक्षा कैंप अब दूरदराज के ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सेवा के हब बन चुके हैं।
- बेहतर सुविधाएं और डिज़िटल हेल्थ: सुदूर गांवों तक सार्वजनिक परिवहन के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ शुरू की गई है। वहीं, ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है।
5. उद्योग और व्यापार जगत में क्रांतिकारी सुधार: देश का अग्रणी राज्य छत्तीसगढ़
निवेशकों और उद्योगों को आकर्षित करने के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश भर में नए मानदंड स्थापित किए हैं।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: राज्य में 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू किए गए हैं। छत्तीसगढ़ ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026’ लाने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है।
- अपराध श्रेणी से मुक्ति: ‘जन विश्वास सुधारों’ के अंतर्गत छोटे-मोटी त्रुटियों से जुड़े 279 अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है।
- एक क्लिक पर सुविधाएं: वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम, सरल भूमि डायवर्जन और रजिस्ट्री के तुरंत बाद स्वतः (ऑटोमैटिक) नामांतरण जैसी आधुनिक डिजिटल व्यवस्थाओं ने कारोबारियों की राह बेहद आसान कर दी है।
- विशाल निवेश: नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) के प्रभावस्वरूप अब तक राज्य को 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे प्रदेश में 1.72 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित होने की पक्की राह तैयार हो गई है।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ सरकार के यह नीतिगत और क्रांतिकारी निर्णय इस बात का प्रमाण हैं कि जब नीयत साफ हो और नीतियां दूरदर्शी हों, तो विकास सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम आदमी की चौखट पर दस्तक देता है। आज का छत्तीसगढ़ एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में पूरे देश के लिए नज़ीर पेश कर रहा है।
