‘आध्यात्मिक सशक्तिकरण से ही संभव है सकारात्मक पत्रकारिता का उदय’
⚡ आबू रोड के ‘मान सरोवर’ में आज से जुटेगा देश के 1000 से अधिक संपादकों और मीडिया दिग्गजों का महाकुंभ
⚡ राजनांदगांव से वरिष्ठ पत्रकार सी.एल. जैन ‘सोना’ सहित तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय महासम्मेलन के लिए रवाना

राजनांदगांव, 9 सितंबर।
बदलते सामाजिक परिवेश और सूचना तकनीक के इस दौर में समाज में शांति, साम्प्रदायिक सौहार्द, एकता और आपसी विश्वास को पुनर्जीवित करने के लिए मीडिया का आध्यात्मिक सशक्तिकरण अनिवार्य हो चुका है। इसी महती उद्देश्य को लेकर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय आबू रोड (राजस्थान) में 09 सितंबर से 14 सितंबर तक छह दिवसीय ‘मीडिया के राष्ट्रीय महासम्मेलन’ का शंखनाद होने जा रहा है। ब्रह्माकुमारीज के विशाल व भव्य दिव्य अनुभूति हॉल “मान सरोवर” में आयोजित इस गरिमामयी महाकुंभ में पूरे भारत के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े 1000 से अधिक शीर्ष मीडिया प्रतिनिधि, प्रधान संपादक और वैचारिक चिंतक एक मंच पर जुट रहे हैं।
संस्कारधानी के तीन स्तंभ करेंगे जिले का प्रतिनिधित्व
इस राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित और वैचारिक मंच पर राजनांदगांव जिले (संस्कारधानी) का गौरव बढ़ाने के लिए स्थानीय पत्रकारिता के तीन प्रमुख स्तंभ शामिल हो रहे हैं। राजनांदगांव सेवा केंद्र के मीडिया प्रभारी ब्रह्मा कुमार मुरलीधर सोमानी भाई से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दल में:
- सी.एल. जैन ‘सोना’ (प्रधान संपादक, दैनिक अमर छत्तीसगढ़) – जो अपने निर्भीक और दीर्घकालीन पत्रकारिता के अनुभवों को राष्ट्रीय मंच पर साझा करेंगे।
- शिशुपाल साहू (छुरिया संवाददाता, सबेरा संकेत एवं उपाध्यक्ष, प्रेस क्लब छुरिया) – जो ग्रामीण और जमीनी पत्रकारिता की चुनौतियों व संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे।
- रूपेन्द्र साहू (संवाददाता, नादगांव टाइम्स) – जो आधुनिक दौर की त्वरित पत्रकारिता के दृष्टिकोण को रेखांकित करेंगे।
यह तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 8 सितंबर को पुरी-अजमेर एक्सप्रेस के जरिए आबू रोड के लिए रवाना हो चुका है।
📌 मुख्य विमर्श: मूल्य आधारित समाज और मीडिया की जिम्मेदारी
इस छह दिवसीय महासम्मेलन का मुख्य विषय “समाज में शांति, एकता और विश्वास को बढ़ावा देने के लिए आध्यात्मिक सशक्तिकरण में मीडिया की भूमिका” तय किया गया है। वर्तमान समय में जब सनसनीखेज खबरों और नकारात्मकता का प्रभाव बढ़ रहा है, तब यह सम्मेलन मीडिया जगत को एक नई दिशा देने का प्रयास करेगा। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में देश के ख्यातिलब्ध वरिष्ठ पत्रकार इस बात पर मंथन करेंगे कि कैसे आंतरिक शांति और नैतिक मूल्यों को अपनाकर एक पत्रकार समाज में सकारात्मक बदलाव का वाहक बन सकता है।
📰 विशेष संपादकीय
शुभकामनाओं का तांता: जिले में हर्ष की लहर
राजनांदगांव से राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित महासम्मेलन में प्रतिनिधित्व होने पर स्थानीय पत्रकार जगत, प्रेस क्लब, राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध जनों ने तीनों पत्रकारों को बधाई दी है। लोगों का मानना है कि इस महासम्मेलन से लौटकर जब यह पत्रकार दल वापस आएगा, तो उनके अनुभव और आध्यात्मिक ऊर्जा से स्थानीय पत्रकारिता को एक नई वैचारिक धार मिलेगी।
