छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक और सुशासन का महा-अभियान: मुख्य सचिव विकासशील के कड़े तेवर, सेवानिवृत्ति प्रकरणों का पहले होगा निपटारा और बंपर भर्तियों का रास्ता साफ
- पेंशन और स्वत्वों पर जीरो पेंडेंसी नीति: कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की तारीख से पहले ही सभी प्रकरणों का शत-प्रतिशत और अनिवार्य निराकरण।
- भर्ती प्रक्रिया को मिलेगी रफ्तार: रिक्त पदों और बैकलॉग के पदों का नया सेटअप तैयार कर जल्द पूरी होंगी नई भर्तियां।
- कर्मचारियों के लिए ‘आईगॉट’ (iGOT) ट्रेनिंग अनिवार्य: हर महीने 1 से 3 कोर्स पूरे करने का सख्त फरमान।
- युवाओं के लिए मेगा ड्राइव: ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) पोर्टल पर 15 से 29 वर्ष के युवाओं का होगा शत-प्रतिशत पंजीकरण।
- 728 लोक सेवाएं अधिसूचित: आम जनता को घर बैठे त्वरित लाभ देने के लिए पोर्टल्स और योजनाओं की कड़ी मॉनिटरिंग।

रायपुर, 11 सितंबर 2026 छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था में सुशासन, पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य शासन ने एक बेहद कड़ा, प्रभावी और दूरगामी निर्णय लिया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की उच्च स्तरीय और मैराथन बैठक में शासन की नीतियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक कसावट पर व्यापक मंथन हुआ।
मुख्य सचिव के दो टूक और स्पष्ट निर्देशों ने यह साफ कर दिया है कि अब सरकारी तंत्र में किसी भी स्तर पर फाइलों को अटकाने या लापरवाही बरतने वालों की खैर नहीं होगी। इस उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए फैसलों का सीधा असर प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों, युवाओं और आम जनता के जीवन पर पड़ने वाला है।
1. कर्मचारी हित सर्वोपरि: सेवानिवृत्ति प्रकरणों का समय से पहले होगा फुल एंड फाइनल
सरकारी कर्मचारियों के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर है। मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उनके पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सभी स्वत्वों (Dues) के मामलों का निपटारा उनकी रिटायरमेंट की तिथि आने से पहले ही सुनिश्चित किया जाए।
- नियतकालिक सूची (Periodic List): इसके लिए सभी विभागों को बाकायदा विभागवार नियतकालिक सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी प्रकरण समयासीमा से बाहर न जाए।
- असर: इस निर्देश से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने की पुरानी पीड़ा से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
2. रोजगार और नियुक्तियों का नया दौर: रिक्त पदों पर त्वरित भर्ती का संकल्प
बेरोजगार युवाओं के लिए यह बैठक उम्मीदों की एक नई किरण लेकर आई है। बैठक के दौरान राज्य के विभिन्न विभागों में खाली पड़े रिक्त पदों और बैकलॉग के पदों की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
- मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों का अद्यतन सेटअप तत्काल तैयार करें और त्वरित गति से भर्ती प्रक्रिया को पूरा करें।
- इससे आने वाले समय में राज्य के युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के द्वार तेजी से खुलने और प्रशासनिक अमले में खाली पदों की समस्या दूर होने की पूरी उम्मीद है।
3. डिजिटल रिफॉर्म्स और ‘लोक सेवा गारंटी’ का विस्तार
सुशासन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, सूचना का अधिकार, सेवा सेतु, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी-रेगुलेशन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की एक-एक कर समीक्षा की गई।
- यह जानकारी सामने आई कि वर्तमान में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लगभग 728 सेवाएं सफलतापूक अधिसूचित की जा चुकी हैं।
- मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी योजनाओं के क्रियान्वयन की मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करें ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचे।
- रिफॉर्म उत्सव अभियान: आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले ‘रिफॉर्म उत्सव अभियान’ के तहत विभागों द्वारा किए गए अभिनव सुधारों (Reforms) का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके लिए अभी से डेटा तैयार करने को कहा गया है।
4. क्षमता निर्माण: iGOT कर्मयोगी से बदल रही है कार्य संस्कृति
अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता और दक्षता को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है।
- केंद्र सरकार के iGOT (iGOT Karmayogi) प्लेटफॉर्म पर अब राज्य के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया गया है।
- विभागीय आवश्यकता के अनुसार प्रत्येक कर्मचारी को हर महीने 1 से 3 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से पूरा करने होंगे, जिससे प्रशासनिक मशीनरी अधिक स्मार्ट और प्रोफेशनल बनेगी।
5. ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल पर युवाओं का महा-पंजीकरण
युवाओं को जोड़ने और उनके कौशल विकास के लिए केंद्र सरकार के खेल एवं युवा मंत्रालय के ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) पोर्टल पर राज्य के स्कूलों और कॉलेजों के 15 से 29 वर्ष के युवाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिला समन्वयकों और शिक्षण संस्थानों के प्राचार्यों को आपसी तालमेल बनाकर मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मौजूद रहे शासन के शीर्ष अधिकारी
इस उच्च स्तरीय और बेहद महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के लगभग सभी प्रमुख विभागों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें—
- अपर मुख्य सचिव: श्री मनोज कुमार पिंगुआ (वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग)
- प्रमुख सचिवगण: श्रीमती निहारिका बारिक सिंह (गृह एवं जेल), श्री सोनमणि बोरा (नगरीय प्रशासन विकास), श्रीमती शहला निगार (महिला एवं बाल विकास)
- सचिवगण: डॉ. रोहित यादव (वित्त एवं जनसम्पर्क), श्री पी. दयानंद (खनिज साधन एवं मुख्यमंत्री के सचिव), डॉ. कमलप्रीत सिंह (स्कूल शिक्षा), श्री अंकित आनंद (सूचना एवं प्रौद्योगिकी), डॉ. एस. भारतीदासन (पर्यटन एवं संस्कृति), सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले (खाद्य), श्री अमित कटारिया (स्वास्थ्य), श्री सारांश मित्तर (ऊर्जा), श्री हिमशिखर गुप्ता (श्रम), श्री एस. प्रकाश (परिवहन), श्रीमती शम्मी आबिदी (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन), तथा मोहम्मद कैसर अब्दुल हक (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
: मुख्य सचिव श्री विकासशील की इन सख्त प्राथमिकताओं और स्पष्ट दिशानिर्देशों ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इन फैसलों से न केवल सरकारी कामकाज में रफ़्तार आएगी, बल्कि आम जनता और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का समाधान अब और भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
