छत्तीसगढ़ में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और किसानों को त्वरित KCC लोन पर जोर: राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न

रायपुर, 13 अगस्त 2026 — मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में मार्च और जून 2026 की तिमाहियों के दौरान राज्य में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों तक बैंकिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाए ताकि हर नागरिक तक वित्तीय सेवाएं आसानी से पहुंच सकें।
बैठक की मुख्य विशेषताएँ एवं निर्देश:
- किसानों को त्वरित केसीसी (KCC) लोन: बैठक में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बिना किसी विलंब के शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि के साथ-साथ पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए भी KCC वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई।महत्वपूर्ण तथ्य: KCC योजना के तहत किसानों को मात्र 4% की कम ब्याज दर पर आसान लोन मिलता है। बिना गारंटी के मिलने वाले इस ऋण की व्यक्तिगत सीमा को बढ़ाकर 2 लाख रुपये और कुल ऋण सीमा को 5 लाख रुपये तक कर दिया गया है।
- बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष फोकस: राज्य के बस्तर और सरगुजा संभागों में बैंकिंग सुविधाओं की सीमित पहुंच को दूर करने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में नई बैंक शाखाएं खोलने और स्थानीय स्तर पर ऋण उपलब्धता बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी। वित्तीय सेवा विभाग के मानकों के अनुसार, बिना बैंकिंग सुविधा वाले गांवों के 5 किलोमीटर के दायरे में शाखाएं या बिजनेस कॉरेस्पॉडेंट (बीसी एजेंट) उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।
- जनकल्याणकारी योजनाओं का त्वरित निपटारा: मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, पीएम आवास योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत प्राप्त ऋण आवेदनों का बिना किसी बाधा के तुरंत निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही, इन सभी मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया।
- वार्षिक ऋण योजना और सामाजिक सुरक्षा: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) की गतिविधियों और वित्तीय साक्षरता सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्य बैंकों के अधिकारी और राज्य शासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
