प्रकृति और मातृत्व का अनूठा संगम: केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सक्ती में किया वृहद पौधरोपण

रायपुर, 11 सितंबर 2026 — पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के इतिहास में आज का दिन छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के लिए एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रकृति के संवर्धन और मातृत्व के असीम सम्मान को एक ही सूत्र में पिरोने वाले देश के सबसे प्रेरणादायी अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत आज छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर एक भव्य और ऐतिहासिक पौधरोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में सपरिवार और पूरी तल्लीनता के साथ सहभागिता निभाते हुए पौधरोपण किया। यह आयोजन महज एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वसुधैव कुटुंबकम और हरित भविष्य के संकल्प का एक जीवंत और असरकारक दस्तावेज बन गया।
मातृत्व और पर्यावरण के प्रति अगाध समर्पण: कदम और बादाम के पौधों का रोपण
कार्यक्रम का सबसे मुख्य और प्रेरणास्पद आकर्षण देश के दोनों शीर्ष नेताओं का पर्यावरण के प्रति व्यक्तिगत जुड़ाव रहा। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी पर्यावरण-प्रिय कार्यशैली का परिचय देते हुए सांस्कृतिक और औषधीय रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ‘कदम’ का पौधा रोपित किया।
वहीं, दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीर्घायु, मजबूती और सुदृढ़ता के प्रतीक ‘बादाम’ का पौधा लगाकर प्रदेश को हरा-भरा और समृद्ध बनाने का दृढ़ संकल्प लिया। इन दोनों विशिष्ट विभूतियों द्वारा किए गए पौधरोपण ने उपस्थित जनसमूह में एक अभूतपूर्व ऊर्जा और चेतना का संचार कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद हर एक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक का दिल प्रकृति के इस महायज्ञ में आहुति देने के लिए लालायित हो उठा।
जनआंदोलन का रूप लेता ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल मिट्टी में पौधा रोपने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति की अंतरात्मा को झकझोरने वाली एक महान पहल है। यह अभियान हमें यह अहसास कराता है कि जिस प्रकार एक माँ नौ महीने अपने बच्चे को सींचती है और उसका लालन-पालन करती है, उसी प्रकार हमें भी अपनी ‘धरती माँ’ और जन्मदात्री माँ के सम्मान में लगाए गए पौधे को अपने बच्चे की तरह पाल-पोषकर एक विशाल वृक्ष बनाना है।
यह पहल पर्यावरण संरक्षण को केवल सरकारी फाइलों या महकमों तक सीमित न रखकर इसे ‘जनभागीदारी का महा-अभियान’ बना रही है। ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और घटते जंगलों के इस दौर में यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को एक शुद्ध, स्वच्छ और सांस लेने योग्य धरती उपहार में देने का सबसे अचूक अस्त्र है।
प्रशासनिक दक्षता और गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक और गरिमामयी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कई दिग्गज मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभियान को ज़मीनी स्तर पर एक जनआंदोलन का रूप देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- मंच की प्रमुख उपस्थिति: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, और जांजगीर-चांपा की लोकप्रिय सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े विशेष रूप से मौजूद रहे।
- प्रशासनिक अमला: बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आयुक्त श्री तारण प्रकाश सिन्हा, सक्ती कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर, और जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन सहित तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पूरी तन्मयता के साथ व्यवस्था और आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहे।
एक सुरक्षित और हरित भविष्य का शंखनाद
सक्ती जिले के जेठा में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कर-कमलों से रोपे गए ये पौधे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की हरियाली के नए स्तंभ बनेंगे। यह आयोजन पूरे देश को यह संदेश देता है कि जब तक प्रकृति और विकास के बीच संतुलन नहीं बनेगा, तब तक मानव जाति का कल्याण असंभव है। छत्तीसगढ़ की यह धरती आज एक बार फिर यह साबित कर चुकी है कि वह केवल खनिज संपदा में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता में भी देश का अग्रदूत राज्य है।
